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लॉकडाउन 2:पहले नवदलित कम्युनिटी किचन द्वारा सामने आया काशी के इस संस्था का संकटमोचन अवतार,

लॉकडाउन 2:पहले नवदलित कम्युनिटी किचन द्वारा सामने आया काशी के इस संस्था का संकटमोचन अवतार

वाराणसी।भारतीय मूल की स्वीडन की युवती इन बेसहारों, जरूरतमंदों के मदद को आगे आई,

वाराणसी: संकट के समय में काशी के जनमित्र न्यास, प्रबुद्ध चेतना मंच और मानवाधिकार जननिगरानी समिति का संकटमोचन अवतार जरूर देखना चाहिए। लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए प्रशासन अलर्ट है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण के चेन को रोका जा सके. वहीं, दूसरी ओर इस लॉकडाउन में जो लोग भूखे-प्यासे फंसे हैं लगातार उनकी मदद करने का भी पूरा प्रयास उक्त संस्थाये कर रही है.

जनमित्र न्यास और प्रबुद्ध चेतना मंच के संयुक्त तत्वाधान में भारतीय मूल की स्वीडन निवासिनी “सुश्री पारूल शर्मा” के सहयोग से 14 अप्रैल मंगलवार को अंबेडकर जयंती के अवसर पर चौकाघाट स्थित काली मंदिर के पास वाराणसी का यह पहला नवदलित कम्युनिटी किचन खोला गया हैं. इस कम्युनिटी किचन में अब तक हजारों लोगों को भोजन कराया गया है.

जिनके पास खाने-पीने का साधन उपलब्ध नहीं है या फिर जो दूसरे जिले या प्रांत के वैसे लोग जो यहां मजदूरी करने के लिए पहुंचे थे और लॉकडाउन के कारण फंस गए हैं, उन्हें खाना उपलब्ध कराया जा रहा है. यहां जरूरतमंदों व असहायों के लिए भोजन, पेयजल व जलपान की व्यवस्था की गयी है.

असहाय भूखे लोगों को खाना खिलाती है उक्त संस्थाये, जनमित्र न्यास की मैनेजिंग ट्रस्टी श्रुति नागवंशी ने बताया कि क्षेत्र के 59 परिवारों के 300 लोगों तक दोनों समय का गर्म खाना भी घर तक पहुँचाया जा रहा है। कोशिश है कि, न्यूनतम से न्यूनतम खर्च में हर दिन अलग- अलग खाना उपलब्ध हो पाए जिससे खाना पाने वाले परिवार को मजबूरी का अहसास न होकर आत्मीयता की अनुभूति हो। इस सामुदायिक किचन से अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति से जुड़े बन्द पड़े छोटे कामगारों, दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों को गर्म पका हुआ खाना उनके घर तक पहुंचाया जाता है। इन शहरी गरीब परिवारों में किसी भी प्रकार का राशनकार्ड नही है। इन्हें किसी भी प्रकार का राहत सामग्री भी अबतक नही मिल पाया था। पहले चरण के 21 दिन का लॉकडाउन पहले ही झेलकर इनकी कमर टूट चुका है, कमाई ऐसा कि, बचत की कोई पूंजी पहले ही नही था ऐसे में इन परिवारों के भोजन जैसी मूल जरूरत जो रोज अपने समय से सामने आकर खड़ी हो जाती है, उनके जद्दोजहद को लॉकडाउन में थोड़ा आसान करने के लिए पं राकेश रंजन त्रिपाठी (राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय प्रबुद्ध चेतना मंच एवं प्रदेश महासचिव संगठन अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा) ने अपने मन में संकल्प लिया और इस कठिन रास्ते को थोड़ा सा सरल बना दिया जनमित्र न्यास, पारुल शर्मा और राकेश रंजन त्रिपाठी और क्षेत्र के उत्साही युवाओं की टीम के साथ गर्म खाना लोगों के घर तक पहुंचा रहें हैं। इस मुहिम में उनके दोनों बेटे सिद्धार्थ रंजन त्रिपाठी और ऋषभ त्रिपाठी पप्पू चौहान, रमाशंकर गुप्ता, प्रदीप सोनकर, दीपक पटेल, सुदेश्वर चौहान जैसे कर्मठी वलेंटिययर्स दोनों समय का भोजन घर – घर पहुंचा कर बढ़ चढ़कर हाथ बंटा रहें हैं। मानवाधिकार जननिगरानी समिति के अधिशासी निदेशक डा. लेनिन रघुवंशी ने टेलीफोनिक साक्षात्कार में राज कुमार गुप्ता को बताया कि खोले गये पहला नवदलित कम्युनिटी किचन है जो जातीय अलगाववाद से इतर मानवतावादी दृष्टिकोण से समाज में ऊंची जाति कहे जाने वाले लोगों द्वारा कमजोर तबकों के लिए सामूहिक रूप से मिल जुल कर इस मुहिम को सफल बनाने का सामुहिक प्रयास द्वारा संचालित है । कम्युनिटी किचन में जिन लोगों ने भोजन किया उन सभी लोगों से प्रतिक्रिया मांगी गयी है. इसको लेकर डा. लेनिन रघुवंशी ने ट्वीट किया है. लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया. सभी जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े हैं और हमेशा आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है. कमी को हम सुधारेंगे. साथ ही भोजन-आपूर्ति के समय सोशल डिस्टेंस के मानकों का पालन भी किया जा रहा है

रिपोर्ट :’राजकुमार गुप्ता वाराणसी

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